निवास प्रमाण
राज्य कोटे की कॉलेज सीटों, यूपी सरकारी भर्ती और कई कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक।
इस बात का प्रमाण कि आप उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हैं। यह आपकी तहसील द्वारा तब जारी किया जाता है जब लेखपाल यह सत्यापित कर लेता है कि आप वास्तव में फॉर्म में दिए गए पते पर ही रहते हैं। यही कारण है कि निवास से जुड़े दस्तावेज़ बाकी सब से ज़्यादा मायने रखते हैं। हाथरस में आवेदन उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल होता है और हाथरस तहसील उसकी जाँच करती है। तहसीलदार के हस्ताक्षर से पहले लेखपाल विवरण हाथरस के राजस्व अभिलेखों से मिलाता है। CertiSetu आपकी ओर से आवेदन दाखिल करता है, इसलिए हाथरस तहसील या SDM दफ़्तर जाने की ज़रूरत किसी भी चरण पर नहीं पड़ती।
हाथरस में यही दस्तावेज़ निवास प्रमाण पत्र, डोमिसाइल सर्टिफिकेट या रेजिडेंस सर्टिफिकेट के नाम से भी माँगा जाता है। नाम बदलता है, प्रमाण पत्र और उसे जारी करने वाली हाथरस तहसील नहीं।
Lekhpal आपके form पर लिखे पते पर आते हैं, इसलिए अगर आप हाल ही में shift हुए हैं तो वही पता दीजिए जहाँ आप सचमुच मिल सकें। उस report के बाद Tehsildar file approve करते हैं।
फ़ॉर्म पर समय लगाने से पहले हम आपकी स्थिति को विभाग के मौजूदा नियमों से मिलाकर जाँचते हैं।
एक ही बार: अपने फ़ोन या कंप्यूटर से, या सीधे DigiLocker से।
हर जानकारी और दस्तावेज़ की जाँच होती है, फिर एक फ़ील्ड एजेंट विभाग में आवेदन दाखिल करता है।
हर चरण की लाइव स्थिति, और विभाग की मंज़ूरी मिलते ही ईमेल पर सत्यापित डिजिटल प्रति।
शुल्क, दस्तावेज़ और विभागीय नियम पूरे उत्तर प्रदेश में एक जैसे हैं। आपका ज़िला सिर्फ़ यह तय करता है कि आवेदन की जाँच कौन-सी तहसील करेगी।
उत्तर प्रदेश के 75 ज़िले 18 मंडलों में आते हैं। हर मंडल अपने ज़िलों की सूची देता है।
विद्यार्थी
कॉलेज और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में उत्तर प्रदेश राज्य कोटे के तहत प्रवेश के लिए।
नौकरी के इच्छुक
उत्तर प्रदेश सरकारी भर्ती में आरक्षण और पात्रता के लिए।
छात्रवृत्ति आवेदक
उन यूपी छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए जो केवल स्थायी निवासियों के लिए हैं।
CertiSetu एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है। एक सत्यापित एजेंट आपके लिए आवेदन दाखिल करता है और दाखिल करने से पहले हर विवरण और दस्तावेज़ जाँचा जाता है।
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सरकार का अपना है, और उस पर हमारा शुल्क लागू नहीं होता। दाखिल करना, फ़ॉलो-अप और कोई भी सुधार आपको खुद करना होता है।
0–7 दिन आवेदन समीक्षा में
हम इसे यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल करते हैं और हर विवरण पहले जाँचते हैं, ताकि कुछ लौटे नहीं।
8–15 दिन तहसीलदार की जाँच
लेखपाल मौक़े पर आपका पता देखता है, फिर हाथरस के तहसीलदार हस्ताक्षर करते हैं।
15–20 दिन प्रमाण पत्र जारी
डिजिटल प्रति आपके खाते में आती है और छपी हुई प्रति हाथरस में आपके पते पर भेजी जाती है।
20 दिन के बाद आपकी ओर से एस्केलेशन
अगर फ़ाइल अटके, तो हम ख़ुद तहसील से पूछते हैं और आपको बताते हैं कि इंतज़ार किस बात का है।
कार्य दिवस, पूरा आवेदन दाखिल होने से गिने जाते हैं। यह समय विभाग का अपना है और डिलीवरी की प्रतिबद्धता नहीं है।
| आवेदक का प्रकार | आवश्यक दस्तावेज़ |
|---|---|
| विद्यार्थी | आधार, कक्षा 10 की अंकतालिका, पता प्रमाण, पासपोर्ट फ़ोटो |
| नौकरी आवेदक | आधार, पता प्रमाण, निवास का स्व-घोषणापत्र, पासपोर्ट फ़ोटो |
| सामान्य आवेदक | आधार, राशन कार्ड या बिजली बिल, पासपोर्ट फ़ोटो, पार्षद अनुमोदन |
| दस्तावेज़ | क्या स्वीकार्य है | आवश्यक |
|---|---|---|
| आधार कार्ड (सामने) | JPG, PNG या PDF · अधिकतम 2 MB | अनिवार्य |
| आधार कार्ड (पीछे) | JPG, PNG या PDF · अधिकतम 2 MB | अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो | हाल की फ़ोटो, सादा हल्का बैकग्राउंड | अनिवार्य |
| निवास प्रमाण | बिजली का बिल, वोटर आईडी या राशन कार्ड | अनिवार्य |
| पार्षद अनुमोदन | हमारा फ़ील्ड एजेंट करवाता है, आपको कुछ नहीं करना | अनिवार्य |
सबसे आम अस्वीकृति
आपका नाम हर document पर एक ही तरह लिखा होना चाहिए। Aadhaar और ration card की spelling का फ़र्क़ domicile applications के वापस आने की सबसे बड़ी वजह है। दूसरी आम दिक़्क़त यह है कि तीन साल के निवास को सिर्फ़ एक हाल के bill से साबित किया जाता है।
छह बातें जो तय करती हैं कि फ़ाइल आगे बढ़ेगी या वापस आएगी।
नाम, पिता का नाम और पता हर अपलोड किए गए दस्तावेज़ पर एक जैसा होना चाहिए। आधार और राशन कार्ड की वर्तनी का अंतर हाथरस तहसील से सबसे ज़्यादा आवेदन वापस भेजता है।
फ़ॉर्म पर जो पता है, लेखपाल हाथरस में उसी की जाँच करता है। अगर दस्तावेज़ों में दो पते हैं, तो वही दें जो आपके निवास प्रमाण पर है।
जिस फ़ोटो का कोना कटा हो या मुहर पर छाया हो, वह दस्तावेज़ चरण पर ही अस्वीकार हो जाती है, विभाग तक पहुँचने से पहले। JPG, PNG या PDF, हर एक 2 MB तक।
हाथरस में स्थलीय जाँच से पहले लेखपाल फ़ॉर्म पर दिए नंबर पर कॉल करता है। नंबर न लगना ही वह सबसे आम कारण है जिससे पूरी और सही फ़ाइल रुकी रह जाती है।
फ़ॉर्म पर हाथरस में आपके पते के वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर और मुहर ज़रूरी हैं। यह उन गिने-चुने चरणों में है जो अब भी कागज़ पर होते हैं, और फ़ाइल खुलने से पहले ले लेना आसान रहता है।
विभाग कार्य दिवस गिनता है। शुक्रवार शाम को जमा की गई फ़ाइल असल में सोमवार से शुरू होती है, यानी अनुमान के दो दिन किसी के खोलने से पहले ही निकल जाते हैं।
मुझे ठीक से पता नहीं था कि अधिवास प्रमाण पत्र के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए। CertiSetu ने इसे समझना बहुत आसान बना दिया।
आय प्रमाणपत्र के लिए दस्तावेज़ों की सूची सबसे साफ़ थी जो मुझे कहीं मिली। घर से निकलने से पहले ही पता था कि क्या-क्या लेकर जाना है।
FAQ ने मेरी सबसे बड़ी चिंता का जवाब दे दिया: मेरे दस्तावेज़ों का क्या होगा।
प्रमाणपत्र और सेवाएँ, सब एक ही जगह।