देवीपाटन मंडल · उत्तर प्रदेश
CertiSetu बलरामपुर के निवासियों को EWS प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में मदद करता है। दस्तावेज़ एक बार अपलोड करें और दफ़्तर जाने से बचें। एक सत्यापित एजेंट यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन दाखिल करता है और बलरामपुर तहसील उसकी जाँच करती है।
ई.डब्ल्यू.एस. प्रमाण पत्र यह प्रमाणित करता है कि सामान्य वर्ग का परिवार आय और संपत्ति दोनों की ई.डब्ल्यू.एस. सीमाओं के भीतर आता है। बलरामपुर के निवासियों से यह सरकारी नौकरियों और कॉलेज सीटों में 10% ई.डब्ल्यू.एस. आरक्षण के दावे पर माँगा जाता है। बलरामपुर में आवेदन उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल होता है और बलरामपुर तहसील उसकी जाँच करती है। तहसीलदार के हस्ताक्षर से पहले लेखपाल विवरण बलरामपुर के राजस्व अभिलेखों से मिलाता है। CertiSetu आपकी ओर से आवेदन दाखिल करता है, इसलिए बलरामपुर तहसील या SDM दफ़्तर जाने की ज़रूरत किसी भी चरण पर नहीं पड़ती।
बलरामपुर में यही दस्तावेज़ ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट या आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग प्रमाण पत्र के नाम से भी माँगा जाता है। नाम बदलता है, प्रमाण पत्र और उसे जारी करने वाली बलरामपुर तहसील नहीं।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में शुल्क, दस्तावेज़ और नियम एक जैसे हैं। बदलती सिर्फ़ वह तहसील है जो आपकी जाँच करती है।
CertiSetu एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है। एक सत्यापित एजेंट आपके लिए आवेदन दाखिल करता है और दाखिल करने से पहले हर विवरण और दस्तावेज़ जाँचा जाता है।
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सरकार का अपना है, और उस पर हमारा शुल्क लागू नहीं होता। दाखिल करना, फ़ॉलो-अप और कोई भी सुधार आपको खुद करना होता है।
सामान्य वर्ग के विद्यार्थी
कॉलेज और व्यावसायिक प्रवेश में 10% ई.डब्ल्यू.एस. कोटे के लिए।
नौकरी के इच्छुक
केंद्र और राज्य सरकार की भर्ती में 10% ई.डब्ल्यू.एस. आरक्षण के लिए।
हर साल नवीनीकरण करने वाले
ई.डब्ल्यू.एस. एक वित्तीय वर्ष के लिए मान्य है, इसलिए हर साल नया प्रमाण पत्र चाहिए।
0–7 दिन आवेदन समीक्षा में
हम इसे यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल करते हैं और हर विवरण पहले जाँचते हैं, ताकि कुछ लौटे नहीं।
8–15 दिन तहसीलदार की जाँच
लेखपाल मौक़े पर आपका पता देखता है, फिर बलरामपुर के तहसीलदार हस्ताक्षर करते हैं।
15–20 दिन प्रमाण पत्र जारी
डिजिटल प्रति आपके खाते में आती है और छपी हुई प्रति बलरामपुर में आपके पते पर भेजी जाती है।
20 दिन के बाद आपकी ओर से एस्केलेशन
अगर फ़ाइल अटके, तो हम ख़ुद तहसील से पूछते हैं और आपको बताते हैं कि इंतज़ार किस बात का है।
कार्य दिवस, पूरा आवेदन दाखिल होने से गिने जाते हैं। यह समय विभाग का अपना है और डिलीवरी की प्रतिबद्धता नहीं है।
नाम, पिता का नाम और पता हर अपलोड किए गए दस्तावेज़ पर एक जैसा होना चाहिए। आधार और राशन कार्ड की वर्तनी का अंतर बलरामपुर तहसील से सबसे ज़्यादा आवेदन वापस भेजता है।
फ़ॉर्म पर जो पता है, लेखपाल बलरामपुर में उसी की जाँच करता है। अगर दस्तावेज़ों में दो पते हैं, तो वही दें जो आपके निवास प्रमाण पर है।
जिस फ़ोटो का कोना कटा हो या मुहर पर छाया हो, वह दस्तावेज़ चरण पर ही अस्वीकार हो जाती है, विभाग तक पहुँचने से पहले। JPG, PNG या PDF, हर एक 2 MB तक।
बलरामपुर में स्थलीय जाँच से पहले लेखपाल फ़ॉर्म पर दिए नंबर पर कॉल करता है। नंबर न लगना ही वह सबसे आम कारण है जिससे पूरी और सही फ़ाइल रुकी रह जाती है।
फ़ॉर्म पर बलरामपुर में आपके पते के वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर और मुहर ज़रूरी हैं। यह उन गिने-चुने चरणों में है जो अब भी कागज़ पर होते हैं, और फ़ाइल खुलने से पहले ले लेना आसान रहता है।
विभाग कार्य दिवस गिनता है। शुक्रवार शाम को जमा की गई फ़ाइल असल में सोमवार से शुरू होती है, यानी अनुमान के दो दिन किसी के खोलने से पहले ही निकल जाते हैं।
| आवेदक का प्रकार | आवश्यक दस्तावेज़ |
|---|---|
| विद्यार्थी | आधार, आय प्रमाण पत्र, पैन, भूमि अभिलेख, पता प्रमाण, पासपोर्ट फ़ोटो |
| नौकरी आवेदक | आधार, आय प्रमाण पत्र, पैन, भूमि अभिलेख, पता प्रमाण, पासपोर्ट फ़ोटो |
| नवीनीकरण | आधार, चालू वित्तीय वर्ष का आय प्रमाण पत्र, पैन, भूमि अभिलेख |
सबसे आम अस्वीकृति
आपका नाम हर दस्तावेज़ पर एक ही वर्तनी में होना चाहिए। आधार और राशन कार्ड की वर्तनी का अंतर ही वह सबसे आम कारण है जिससे बलरामपुर तहसील से आवेदन वापस आता है।
मुझे ठीक से पता नहीं था कि निवास प्रमाणपत्र के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए। CertiSetu ने इसे समझना बहुत आसान बना दिया।
चरण-दर-चरण जानकारी से पता चला कि आवेदन के बाद क्या होता है। क्रम पता होना ही आधी चिंता कम कर देता है।
FAQ ने मेरी सबसे बड़ी चिंता का जवाब दे दिया: मेरे दस्तावेज़ों का क्या होगा।
ज़िला, तहसील और ब्लॉक के आँकड़े इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन डायरेक्टरी में प्रकाशित आँकड़े हैं। CertiSetu एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है और उत्तर प्रदेश सरकार या किसी ज़िला प्रशासन से संबद्ध नहीं है; प्रमाण पत्र संबंधित विभाग द्वारा जारी किया जाता है।