ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण
केंद्र और राज्य सरकार की नौकरियों तथा कॉलेज सीटों में 10% ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण का दावा करने के लिए आवश्यक।
सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग का प्रमाण। इसका आकलन आय और संपत्ति दोनों को साथ देखकर होता है, इसलिए आय सीमा से नीचे होने पर भी कोई परिवार ज़मीन या संपत्ति के आधार पर ईडब्ल्यूएस (EWS) से बाहर हो सकता है, और इसे हर वित्तीय वर्ष नवीनीकृत कराना पड़ता है। बुलन्दशहर में आवेदन उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल होता है और बुलन्दशहर तहसील उसकी जाँच करती है। तहसीलदार के हस्ताक्षर से पहले लेखपाल विवरण बुलन्दशहर के राजस्व अभिलेखों से मिलाता है। CertiSetu आपकी ओर से आवेदन दाखिल करता है, इसलिए बुलन्दशहर तहसील या SDM दफ़्तर जाने की ज़रूरत किसी भी चरण पर नहीं पड़ती।
बुलन्दशहर में यही दस्तावेज़ ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट या आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग प्रमाण पत्र के नाम से भी माँगा जाता है। नाम बदलता है, प्रमाण पत्र और उसे जारी करने वाली बुलन्दशहर तहसील नहीं।
Lekhpal हर घोषणा को राजस्व records से मिलाते हैं, हर सदस्य के लिए अलग से, nil entries समेत। आय उस वित्तीय वर्ष की देखी जाती है जो पूरा हो चुका है, चल रहे वर्ष की नहीं।
फ़ॉर्म पर समय लगाने से पहले हम आपकी स्थिति को विभाग के मौजूदा नियमों से मिलाकर जाँचते हैं।
एक ही बार: अपने फ़ोन या कंप्यूटर से, या सीधे DigiLocker से।
हर जानकारी और दस्तावेज़ की जाँच होती है, फिर एक फ़ील्ड एजेंट विभाग में आवेदन दाखिल करता है।
हर चरण की लाइव स्थिति, और विभाग की मंज़ूरी मिलते ही ईमेल पर सत्यापित डिजिटल प्रति।
शुल्क, दस्तावेज़ और विभागीय नियम पूरे उत्तर प्रदेश में एक जैसे हैं। आपका ज़िला सिर्फ़ यह तय करता है कि आवेदन की जाँच कौन-सी तहसील करेगी।
उत्तर प्रदेश के 75 ज़िले 18 मंडलों में आते हैं। हर मंडल अपने ज़िलों की सूची देता है।
सामान्य वर्ग के विद्यार्थी
कॉलेज और व्यावसायिक प्रवेश में 10% ईडब्ल्यूएस (EWS) कोटे के लिए।
नौकरी के इच्छुक
केंद्र और राज्य सरकार की भर्ती में 10% ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण के लिए।
हर साल नवीनीकरण करने वाले
ईडब्ल्यूएस (EWS) एक वित्तीय वर्ष के लिए मान्य है, इसलिए हर साल नया प्रमाण पत्र चाहिए।
CertiSetu एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है। एक सत्यापित एजेंट आपके लिए आवेदन दाखिल करता है और दाखिल करने से पहले हर विवरण और दस्तावेज़ जाँचा जाता है।
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सरकार का अपना है, और उस पर हमारा शुल्क लागू नहीं होता। दाखिल करना, फ़ॉलो-अप और कोई भी सुधार आपको खुद करना होता है।
0–7 दिन आवेदन समीक्षा में
हम इसे यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल करते हैं और हर विवरण पहले जाँचते हैं, ताकि कुछ लौटे नहीं।
8–15 दिन तहसीलदार की जाँच
लेखपाल मौक़े पर आपका पता देखता है, फिर बुलन्दशहर के तहसीलदार हस्ताक्षर करते हैं।
15–20 दिन प्रमाण पत्र जारी
डिजिटल प्रति आपके खाते में आती है और छपी हुई प्रति बुलन्दशहर में आपके पते पर भेजी जाती है।
20 दिन के बाद आपकी ओर से एस्केलेशन
अगर फ़ाइल अटके, तो हम ख़ुद तहसील से पूछते हैं और आपको बताते हैं कि इंतज़ार किस बात का है।
कार्य दिवस, पूरा आवेदन दाखिल होने से गिने जाते हैं। यह समय विभाग का अपना है और डिलीवरी की प्रतिबद्धता नहीं है।
| आवेदक का प्रकार | आवश्यक दस्तावेज़ |
|---|---|
| विद्यार्थी | आधार, आय प्रमाण पत्र, पैन, भूमि अभिलेख, पता प्रमाण, पासपोर्ट फ़ोटो |
| नौकरी आवेदक | आधार, आय प्रमाण पत्र, पैन, भूमि अभिलेख, पता प्रमाण, पासपोर्ट फ़ोटो |
| नवीनीकरण | आधार, चालू वित्तीय वर्ष का आय प्रमाण पत्र, पैन, भूमि अभिलेख |
| दस्तावेज़ | क्या स्वीकार्य है | आवश्यक |
|---|---|---|
| आधार कार्ड (सामने) | JPG, PNG या PDF · अधिकतम 2 MB | अनिवार्य |
| आधार कार्ड (पीछे) | JPG, PNG या PDF · अधिकतम 2 MB | अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो | हाल की फ़ोटो, सादा हल्का बैकग्राउंड | अनिवार्य |
| निवास प्रमाण | बिजली का बिल, वोटर आईडी या राशन कार्ड | अनिवार्य |
| आय प्रमाण पत्र | पूरे परिवार का नवीनतम प्रमाण पत्र | अनिवार्य |
| पैन कार्ड | आवेदक या अभिभावक का | अनिवार्य |
| भूमि अभिलेख | रजिस्ट्री कागज़ या खतौनी | वैकल्पिक |
सबसे आम अस्वीकृति
हर holding घोषित कीजिए, वे भी जो आपको मामूली लगती हैं। Tehsil आपकी लिखी बात राजस्व records से मिलाती है, इसलिए form में छूटी हुई ज़मीन rejection का सबसे तेज़ रास्ता है, और merits पर हुआ rejection refundable नहीं होता।
छह बातें जो तय करती हैं कि फ़ाइल आगे बढ़ेगी या वापस आएगी।
नाम, पिता का नाम और पता हर अपलोड किए गए दस्तावेज़ पर एक जैसा होना चाहिए। आधार और राशन कार्ड की वर्तनी का अंतर बुलन्दशहर तहसील से सबसे ज़्यादा आवेदन वापस भेजता है।
फ़ॉर्म पर जो पता है, लेखपाल बुलन्दशहर में उसी की जाँच करता है। अगर दस्तावेज़ों में दो पते हैं, तो वही दें जो आपके निवास प्रमाण पर है।
जिस फ़ोटो का कोना कटा हो या मुहर पर छाया हो, वह दस्तावेज़ चरण पर ही अस्वीकार हो जाती है, विभाग तक पहुँचने से पहले। JPG, PNG या PDF, हर एक 2 MB तक।
बुलन्दशहर में स्थलीय जाँच से पहले लेखपाल फ़ॉर्म पर दिए नंबर पर कॉल करता है। नंबर न लगना ही वह सबसे आम कारण है जिससे पूरी और सही फ़ाइल रुकी रह जाती है।
फ़ॉर्म पर बुलन्दशहर में आपके पते के वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर और मुहर ज़रूरी हैं। यह उन गिने-चुने चरणों में है जो अब भी कागज़ पर होते हैं, और फ़ाइल खुलने से पहले ले लेना आसान रहता है।
विभाग कार्य दिवस गिनता है। शुक्रवार शाम को जमा की गई फ़ाइल असल में सोमवार से शुरू होती है, यानी अनुमान के दो दिन किसी के खोलने से पहले ही निकल जाते हैं।
सरकारी प्रमाणपत्रों के बारे में सब कुछ बहुत आसान भाषा में समझाया गया। दस्तावेज़ और आवेदन की प्रक्रिया आखिरकार समझ में आ गई।
मुझे यह अच्छा लगा कि प्रमाणपत्र की जानकारी सरल भाषा में समझाई गई है। CertiSetu के लॉन्च का इंतज़ार है।
FAQ ने मेरी सबसे बड़ी चिंता का जवाब दे दिया: मेरे दस्तावेज़ों का क्या होगा।
प्रमाणपत्र और सेवाएँ, सब एक ही जगह।