आज़मगढ़ मंडल · उत्तर प्रदेश
CertiSetu आज़मगढ़ के निवासियों को जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में मदद करता है। दस्तावेज़ एक बार अपलोड करें और दफ़्तर जाने से बचें। एक सत्यापित एजेंट यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन दाखिल करता है और आज़मगढ़ तहसील उसकी जाँच करती है।
जाति प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश सरकार का वह अभिलेख है जिसमें आपकी आरक्षण श्रेणी दर्ज होती है: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग। आज़मगढ़ के निवासियों से यह प्रवेश, सरकारी भर्ती और पदोन्नति में आरक्षण के दावे पर माँगा जाता है। आज़मगढ़ में आवेदन उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल होता है और आज़मगढ़ तहसील उसकी जाँच करती है। तहसीलदार के हस्ताक्षर से पहले लेखपाल विवरण आज़मगढ़ के राजस्व अभिलेखों से मिलाता है। CertiSetu आपकी ओर से आवेदन दाखिल करता है, इसलिए आज़मगढ़ तहसील या SDM दफ़्तर जाने की ज़रूरत किसी भी चरण पर नहीं पड़ती।
आज़मगढ़ में यही दस्तावेज़ कास्ट सर्टिफिकेट या जाति प्रमाणपत्र कहलाता है, और जिस वर्ग का है उसके नाम पर एससी/एसटी/ओबीसी प्रमाण पत्र भी। नाम बदलता है, प्रमाण पत्र और उसे जारी करने वाली आज़मगढ़ तहसील नहीं।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में शुल्क, दस्तावेज़ और नियम एक जैसे हैं। बदलती सिर्फ़ वह तहसील है जो आपकी जाँच करती है।
CertiSetu एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है। एक सत्यापित एजेंट आपके लिए आवेदन दाखिल करता है और दाखिल करने से पहले हर विवरण और दस्तावेज़ जाँचा जाता है।
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सरकार का अपना है, और उस पर हमारा शुल्क लागू नहीं होता। दाखिल करना, फ़ॉलो-अप और कोई भी सुधार आपको खुद करना होता है।
विद्यार्थी
यूपी के कॉलेजों और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में आरक्षित सीटों और फ़ीस छूट के लिए।
नौकरी के इच्छुक
उत्तर प्रदेश सरकारी भर्ती में आरक्षण के लिए।
योजना आवेदक
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग परिवारों के लिए आरक्षित यूपी योजनाओं के लिए।
0–7 दिन आवेदन समीक्षा में
हम इसे यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल करते हैं और हर विवरण पहले जाँचते हैं, ताकि कुछ लौटे नहीं।
8–15 दिन तहसीलदार की जाँच
लेखपाल मौक़े पर आपका पता देखता है, फिर आज़मगढ़ के तहसीलदार हस्ताक्षर करते हैं।
15–20 दिन प्रमाण पत्र जारी
डिजिटल प्रति आपके खाते में आती है और छपी हुई प्रति आज़मगढ़ में आपके पते पर भेजी जाती है।
20 दिन के बाद आपकी ओर से एस्केलेशन
अगर फ़ाइल अटके, तो हम ख़ुद तहसील से पूछते हैं और आपको बताते हैं कि इंतज़ार किस बात का है।
कार्य दिवस, पूरा आवेदन दाखिल होने से गिने जाते हैं। यह समय विभाग का अपना है और डिलीवरी की प्रतिबद्धता नहीं है।
नाम, पिता का नाम और पता हर अपलोड किए गए दस्तावेज़ पर एक जैसा होना चाहिए। आधार और राशन कार्ड की वर्तनी का अंतर आज़मगढ़ तहसील से सबसे ज़्यादा आवेदन वापस भेजता है।
फ़ॉर्म पर जो पता है, लेखपाल आज़मगढ़ में उसी की जाँच करता है। अगर दस्तावेज़ों में दो पते हैं, तो वही दें जो आपके निवास प्रमाण पर है।
जिस फ़ोटो का कोना कटा हो या मुहर पर छाया हो, वह दस्तावेज़ चरण पर ही अस्वीकार हो जाती है, विभाग तक पहुँचने से पहले। JPG, PNG या PDF, हर एक 2 MB तक।
आज़मगढ़ में स्थलीय जाँच से पहले लेखपाल फ़ॉर्म पर दिए नंबर पर कॉल करता है। नंबर न लगना ही वह सबसे आम कारण है जिससे पूरी और सही फ़ाइल रुकी रह जाती है।
फ़ॉर्म पर आज़मगढ़ में आपके पते के वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर और मुहर ज़रूरी हैं। यह उन गिने-चुने चरणों में है जो अब भी कागज़ पर होते हैं, और फ़ाइल खुलने से पहले ले लेना आसान रहता है।
विभाग कार्य दिवस गिनता है। शुक्रवार शाम को जमा की गई फ़ाइल असल में सोमवार से शुरू होती है, यानी अनुमान के दो दिन किसी के खोलने से पहले ही निकल जाते हैं।
| आवेदक का प्रकार | आवश्यक दस्तावेज़ |
|---|---|
| विद्यार्थी | आधार, कक्षा 10 की अंकतालिका, पिता या अभिभावक का जाति प्रमाण, पता प्रमाण |
| नौकरी आवेदक | आधार, पिता या अभिभावक का जाति प्रमाण, पता प्रमाण, पासपोर्ट फ़ोटो |
| सामान्य आवेदक | आधार, जाति दर्शाने वाला राशन कार्ड या भूमि अभिलेख, पासपोर्ट फ़ोटो, पार्षद अनुमोदन |
सबसे आम अस्वीकृति
आपका नाम हर दस्तावेज़ पर एक ही वर्तनी में होना चाहिए। आधार और राशन कार्ड की वर्तनी का अंतर ही वह सबसे आम कारण है जिससे आज़मगढ़ तहसील से आवेदन वापस आता है।
सरकारी प्रमाणपत्रों के बारे में सब कुछ बहुत आसान भाषा में समझाया गया। दस्तावेज़ और आवेदन की प्रक्रिया आखिरकार समझ में आ गई।
आय प्रमाणपत्र के लिए दस्तावेज़ों की सूची सबसे साफ़ थी जो मुझे कहीं मिली। घर से निकलने से पहले ही पता था कि क्या-क्या लेकर जाना है।
चरण-दर-चरण जानकारी से पता चला कि आवेदन के बाद क्या होता है। क्रम पता होना ही आधी चिंता कम कर देता है।
ज़िला, तहसील और ब्लॉक के आँकड़े इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन डायरेक्टरी में प्रकाशित आँकड़े हैं। CertiSetu एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है और उत्तर प्रदेश सरकार या किसी ज़िला प्रशासन से संबद्ध नहीं है; प्रमाण पत्र संबंधित विभाग द्वारा जारी किया जाता है।