श्रेणी प्रमाण
प्रवेश, सरकारी भर्ती और पदोन्नति में आरक्षण का दावा करने के लिए आवश्यक।
₹399पहले ₹49918% जीएसटी सहित
आप जिस आरक्षण श्रेणी से आते हैं (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ओबीसी) उसका प्रमाण। इसमें आपके पिता या अभिभावक की जाति और उससे बनने वाली श्रेणी दर्ज होती है, इसलिए आप जो प्रमाण देंगे वह आपके नाम पर नहीं, उनके नाम पर होना चाहिए। सहारनपुर में आवेदन उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल होता है और सहारनपुर तहसील उसकी जाँच करती है। तहसीलदार के हस्ताक्षर से पहले लेखपाल विवरण सहारनपुर के राजस्व अभिलेखों से मिलाता है। CertiSetu आपकी ओर से आवेदन दाखिल करता है, इसलिए सहारनपुर तहसील या SDM दफ़्तर जाने की ज़रूरत किसी भी चरण पर नहीं पड़ती।
सहारनपुर में यही दस्तावेज़ कास्ट सर्टिफिकेट या जाति प्रमाणपत्र कहलाता है, और जिस वर्ग का है उसके नाम पर एससी/एसटी/ओबीसी प्रमाण पत्र भी। नाम बदलता है, प्रमाण पत्र और उसे जारी करने वाली सहारनपुर तहसील नहीं।
Lekhpal आपके परिवार के समुदाय पर report देते हैं, इसीलिए पिता का certificate या समुदाय दर्ज किया हुआ school record सबसे मज़बूत document है। जहाँ ऐसा कोई record नहीं होता, वहाँ Tehsil स्थानीय जाँच करा सकती है और उसमें ज़्यादा समय लगता है।
फ़ॉर्म पर समय लगाने से पहले हम आपकी स्थिति को विभाग के मौजूदा नियमों से मिलाकर जाँचते हैं।
एक ही बार: अपने फ़ोन या कंप्यूटर से, या सीधे DigiLocker से।
हर जानकारी और दस्तावेज़ की जाँच होती है, फिर एक फ़ील्ड एजेंट विभाग में आवेदन दाखिल करता है।
हर चरण की लाइव स्थिति, और विभाग की मंज़ूरी मिलते ही ईमेल पर सत्यापित डिजिटल प्रति।
शुल्क, दस्तावेज़ और विभागीय नियम पूरे उत्तर प्रदेश में एक जैसे हैं। आपका ज़िला सिर्फ़ यह तय करता है कि आवेदन की जाँच कौन-सी तहसील करेगी।
उत्तर प्रदेश के 75 ज़िले 18 मंडलों में आते हैं। हर मंडल अपने ज़िलों की सूची देता है।
विद्यार्थी
यूपी के कॉलेजों और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में आरक्षित सीटों और फ़ीस छूट के लिए।
नौकरी के इच्छुक
उत्तर प्रदेश सरकारी भर्ती में आरक्षण के लिए।
योजना आवेदक
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग परिवारों के लिए आरक्षित यूपी योजनाओं के लिए।
CertiSetu एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है। एक सत्यापित एजेंट आपके लिए आवेदन दाखिल करता है और दाखिल करने से पहले हर विवरण और दस्तावेज़ जाँचा जाता है।
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सरकार का अपना है, और उस पर हमारा शुल्क लागू नहीं होता। दाखिल करना, फ़ॉलो-अप और कोई भी सुधार आपको खुद करना होता है।
0–7 दिन आवेदन समीक्षा में
हम इसे यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल करते हैं और हर विवरण पहले जाँचते हैं, ताकि कुछ लौटे नहीं।
8–15 दिन तहसीलदार की जाँच
लेखपाल मौक़े पर आपका पता देखता है, फिर सहारनपुर के तहसीलदार हस्ताक्षर करते हैं।
15–20 दिन प्रमाण पत्र जारी
डिजिटल प्रति आपके खाते में आती है और छपी हुई प्रति सहारनपुर में आपके पते पर भेजी जाती है।
20 दिन के बाद आपकी ओर से एस्केलेशन
अगर फ़ाइल अटके, तो हम ख़ुद तहसील से पूछते हैं और आपको बताते हैं कि इंतज़ार किस बात का है।
कार्य दिवस, पूरा आवेदन दाखिल होने से गिने जाते हैं। यह समय विभाग का अपना है और डिलीवरी की प्रतिबद्धता नहीं है।
| आवेदक का प्रकार | आवश्यक दस्तावेज़ |
|---|---|
| विद्यार्थी | आधार, कक्षा 10 की अंकतालिका, पिता या अभिभावक का जाति प्रमाण, पता प्रमाण |
| नौकरी आवेदक | आधार, पिता या अभिभावक का जाति प्रमाण, पता प्रमाण, पासपोर्ट फ़ोटो |
| सामान्य आवेदक | आधार, जाति दर्शाने वाला राशन कार्ड या भूमि अभिलेख, पासपोर्ट फ़ोटो, पार्षद अनुमोदन |
| दस्तावेज़ | क्या स्वीकार्य है | आवश्यक |
|---|---|---|
| आधार कार्ड (सामने) | JPG, PNG या PDF · अधिकतम 2 MB | अनिवार्य |
| आधार कार्ड (पीछे) | JPG, PNG या PDF · अधिकतम 2 MB | अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो | हाल की फ़ोटो, सादा हल्का बैकग्राउंड | अनिवार्य |
| निवास प्रमाण | बिजली का बिल, वोटर आईडी या राशन कार्ड | अनिवार्य |
| पार्षद अनुमोदन | हमारा फ़ील्ड एजेंट करवाता है, आपको कुछ नहीं करना | अनिवार्य |
| पिता या अभिभावक का जाति प्रमाण | जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या भूमि अभिलेख | अनिवार्य |
सबसे आम अस्वीकृति
समुदाय का नाम वैसे ही लिखिए जैसे अधिसूचित सूची में है, स्थानीय रूप में नहीं। form में सबसे ज़्यादा सवाल इसी एक field पर उठते हैं।
छह बातें जो तय करती हैं कि फ़ाइल आगे बढ़ेगी या वापस आएगी।
नाम, पिता का नाम और पता हर अपलोड किए गए दस्तावेज़ पर एक जैसा होना चाहिए। आधार और राशन कार्ड की वर्तनी का अंतर सहारनपुर तहसील से सबसे ज़्यादा आवेदन वापस भेजता है।
फ़ॉर्म पर जो पता है, लेखपाल सहारनपुर में उसी की जाँच करता है। अगर दस्तावेज़ों में दो पते हैं, तो वही दें जो आपके निवास प्रमाण पर है।
जिस फ़ोटो का कोना कटा हो या मुहर पर छाया हो, वह दस्तावेज़ चरण पर ही अस्वीकार हो जाती है, विभाग तक पहुँचने से पहले। JPG, PNG या PDF, हर एक 2 MB तक।
सहारनपुर में स्थलीय जाँच से पहले लेखपाल फ़ॉर्म पर दिए नंबर पर कॉल करता है। नंबर न लगना ही वह सबसे आम कारण है जिससे पूरी और सही फ़ाइल रुकी रह जाती है।
फ़ॉर्म पर सहारनपुर में आपके पते के वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर और मुहर ज़रूरी हैं। यह उन गिने-चुने चरणों में है जो अब भी कागज़ पर होते हैं, और फ़ाइल खुलने से पहले ले लेना आसान रहता है।
विभाग कार्य दिवस गिनता है। शुक्रवार शाम को जमा की गई फ़ाइल असल में सोमवार से शुरू होती है, यानी अनुमान के दो दिन किसी के खोलने से पहले ही निकल जाते हैं।
मुझे ठीक से पता नहीं था कि अधिवास प्रमाण पत्र के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए। CertiSetu ने इसे समझना बहुत आसान बना दिया।
मुझे यह अच्छा लगा कि प्रमाणपत्र की जानकारी सरल भाषा में समझाई गई है। CertiSetu के लॉन्च का इंतज़ार है।
FAQ ने मेरी सबसे बड़ी चिंता का जवाब दे दिया: मेरे दस्तावेज़ों का क्या होगा।
प्रमाणपत्र और सेवाएँ, सब एक ही जगह।