आय प्रमाण
छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण, फीस में छूट और कल्याणकारी योजनाओं की पात्रता के लिए आवश्यक।
आपके परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय का प्रमाण। प्रमाण पत्र पर दर्ज आंकड़ा पूरे परिवार की आय है, केवल आपकी नहीं: हर कमाने वाले सदस्य की आय जुड़ती है, और विभाग इसे आपके घोषणा-पत्र और प्रमाणों से मिलाकर जाँचता है। गोरखपुर मंडल में आवेदन उत्तर प्रदेश ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल होता है और गोरखपुर मंडल तहसील उसकी जाँच करती है। तहसीलदार के हस्ताक्षर से पहले लेखपाल विवरण गोरखपुर मंडल के राजस्व अभिलेखों से मिलाता है। CertiSetu आपकी ओर से आवेदन दाखिल करता है, इसलिए गोरखपुर मंडल तहसील या SDM दफ़्तर जाने की ज़रूरत किसी भी चरण पर नहीं पड़ती।
गोरखपुर मंडल में यही दस्तावेज़ पारिवारिक आय प्रमाण पत्र, इनकम सर्टिफिकेट या आय प्रमाणपत्र के नाम से भी माँगा जाता है। नाम बदलता है, प्रमाण पत्र और उसे जारी करने वाली गोरखपुर मंडल तहसील नहीं।
एक field report आपकी घोषित आय की पुष्टि करती है। जिस परिवार के पास salary slip या Form 16 है उसका काम जल्दी निकलता है, जबकि self-declared आय को ज़्यादा ध्यान से देखा जाता है।
फ़ॉर्म पर समय लगाने से पहले हम आपकी स्थिति को विभाग के मौजूदा नियमों से मिलाकर जाँचते हैं।
एक ही बार: अपने फ़ोन या कंप्यूटर से, या सीधे DigiLocker से।
हर जानकारी और दस्तावेज़ की जाँच होती है, फिर एक फ़ील्ड एजेंट विभाग में आवेदन दाखिल करता है।
हर चरण की लाइव स्थिति, और विभाग की मंज़ूरी मिलते ही ईमेल पर सत्यापित डिजिटल प्रति।
शुल्क, दस्तावेज़ और विभागीय नियम पूरे उत्तर प्रदेश में एक जैसे हैं। आपका ज़िला सिर्फ़ यह तय करता है कि आवेदन की जाँच कौन-सी तहसील करेगी।
उत्तर प्रदेश के 75 ज़िले 18 मंडलों में आते हैं। हर मंडल अपने ज़िलों की सूची देता है।
विद्यार्थी
आय के आधार पर मिलने वाली फ़ीस छूट और छात्रवृत्ति के लिए।
ईडब्ल्यूएस (EWS) आवेदक
ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र का आवेदन आय प्रमाण पत्र के आधार पर ही जाँचा जाता है।
योजना आवेदक
पारिवारिक आय सीमा वाली यूपी कल्याण योजनाओं के लिए।
CertiSetu एक स्वतंत्र निजी प्लेटफ़ॉर्म है। एक सत्यापित एजेंट आपके लिए आवेदन दाखिल करता है और दाखिल करने से पहले हर विवरण और दस्तावेज़ जाँचा जाता है।
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सरकार का अपना है, और उस पर हमारा शुल्क लागू नहीं होता। दाखिल करना, फ़ॉलो-अप और कोई भी सुधार आपको खुद करना होता है।
0–7 दिन आवेदन समीक्षा में
हम इसे यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर दाखिल करते हैं और हर विवरण पहले जाँचते हैं, ताकि कुछ लौटे नहीं।
8–15 दिन तहसीलदार की जाँच
लेखपाल मौक़े पर आपका पता देखता है, फिर गोरखपुर मंडल के तहसीलदार हस्ताक्षर करते हैं।
15–20 दिन प्रमाण पत्र जारी
डिजिटल प्रति आपके खाते में आती है और छपी हुई प्रति गोरखपुर मंडल में आपके पते पर भेजी जाती है।
20 दिन के बाद आपकी ओर से एस्केलेशन
अगर फ़ाइल अटके, तो हम ख़ुद तहसील से पूछते हैं और आपको बताते हैं कि इंतज़ार किस बात का है।
कार्य दिवस, पूरा आवेदन दाखिल होने से गिने जाते हैं। यह समय विभाग का अपना है और डिलीवरी की प्रतिबद्धता नहीं है।
| आवेदक का प्रकार | आवश्यक दस्तावेज़ |
|---|---|
| वेतनभोगी परिवार | आधार, वेतन पर्ची या फ़ॉर्म 16, पता प्रमाण, पासपोर्ट फ़ोटो |
| स्वरोज़गार या कृषक परिवार | आधार, आय का स्व-घोषणापत्र, खतौनी या भूमि अभिलेख, पता प्रमाण |
| सामान्य आवेदक | आधार, राशन कार्ड या बिजली बिल, पासपोर्ट फ़ोटो, पार्षद अनुमोदन |
| दस्तावेज़ | क्या स्वीकार्य है | आवश्यक |
|---|---|---|
| आधार कार्ड (सामने) | JPG, PNG या PDF · अधिकतम 2 MB | अनिवार्य |
| आधार कार्ड (पीछे) | JPG, PNG या PDF · अधिकतम 2 MB | अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो | हाल की फ़ोटो, सादा हल्का बैकग्राउंड | अनिवार्य |
| निवास प्रमाण | बिजली का बिल, वोटर आईडी या राशन कार्ड | अनिवार्य |
| पार्षद अनुमोदन | हमारा फ़ील्ड एजेंट करवाता है, आपको कुछ नहीं करना | अनिवार्य |
सबसे आम अस्वीकृति
जो आँकड़ा आप घोषित करते हैं उसकी क़ानूनी ज़िम्मेदारी आपकी है। किसी scheme की सीमा पार करने के लिए कम लिखा गया आँकड़ा, जो बाद में payslip या return से मेल न खाए, application reject करा देता है, और इस आधार पर हुआ rejection refundable नहीं होता।
छह बातें जो तय करती हैं कि फ़ाइल आगे बढ़ेगी या वापस आएगी।
नाम, पिता का नाम और पता हर अपलोड किए गए दस्तावेज़ पर एक जैसा होना चाहिए। आधार और राशन कार्ड की वर्तनी का अंतर गोरखपुर मंडल तहसील से सबसे ज़्यादा आवेदन वापस भेजता है।
फ़ॉर्म पर जो पता है, लेखपाल गोरखपुर मंडल में उसी की जाँच करता है। अगर दस्तावेज़ों में दो पते हैं, तो वही दें जो आपके निवास प्रमाण पर है।
जिस फ़ोटो का कोना कटा हो या मुहर पर छाया हो, वह दस्तावेज़ चरण पर ही अस्वीकार हो जाती है, विभाग तक पहुँचने से पहले। JPG, PNG या PDF, हर एक 2 MB तक।
गोरखपुर मंडल में स्थलीय जाँच से पहले लेखपाल फ़ॉर्म पर दिए नंबर पर कॉल करता है। नंबर न लगना ही वह सबसे आम कारण है जिससे पूरी और सही फ़ाइल रुकी रह जाती है।
फ़ॉर्म पर गोरखपुर मंडल में आपके पते के वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर और मुहर ज़रूरी हैं। यह उन गिने-चुने चरणों में है जो अब भी कागज़ पर होते हैं, और फ़ाइल खुलने से पहले ले लेना आसान रहता है।
विभाग कार्य दिवस गिनता है। शुक्रवार शाम को जमा की गई फ़ाइल असल में सोमवार से शुरू होती है, यानी अनुमान के दो दिन किसी के खोलने से पहले ही निकल जाते हैं।
मुझे ठीक से पता नहीं था कि अधिवास प्रमाण पत्र के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए। CertiSetu ने इसे समझना बहुत आसान बना दिया।
मुझे यह अच्छा लगा कि प्रमाणपत्र की जानकारी सरल भाषा में समझाई गई है। CertiSetu के लॉन्च का इंतज़ार है।
FAQ ने मेरी सबसे बड़ी चिंता का जवाब दे दिया: मेरे दस्तावेज़ों का क्या होगा।
प्रमाणपत्र और सेवाएँ, सब एक ही जगह।